
डाइट पेंड्रा के प्राचार्य जे.पी. पुष्प सेवानिवृत्त, शिक्षा सेवा का सराहनीय सफर बना प्रेरणा
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) पेंड्रा के प्राचार्य जे.पी. पुष्प अपने दीर्घ एवं गौरवपूर्ण शासकीय सेवाकाल के उपरांत सेवानिवृत्त हो गए। उनके सम्मान में आयोजित विदाई समारोह भावुक और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ, जहां शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं शुभचिंतकों ने उनके उल्लेखनीय योगदान को याद करते हुए भावभीनी विदाई दी।

श्री पुष्प का कार्यकाल केवल प्रशासनिक जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने शिक्षा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का निरंतर प्रयास किया। उनके नेतृत्व में डाइट पेंड्रा में शिक्षक प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार, नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा तथा शैक्षणिक गतिविधियों को नई दिशा मिली। उनके कार्यों की शिक्षा जगत में व्यापक सराहना होती रही।
उनकी सबसे महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी पहल आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क कोचिंग सेंटर का संचालन रही। इस पहल का उद्देश्य था कि कोई भी प्रतिभाशाली छात्र केवल आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रह जाए। उन्होंने अनेक विद्यार्थियों को निःशुल्क मार्गदर्शन देकर प्रतियोगी परीक्षाओं एवं उच्च शिक्षा की राह आसान बनाई। उनकी इस सामाजिक सोच ने शिक्षा के क्षेत्र में एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।

विदाई समारोह में वक्ताओं ने कहा कि श्री पुष्प ने शिक्षा को केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम माना। उनका सरल व्यक्तित्व, अनुशासनप्रिय कार्यशैली, पारदर्शी प्रशासन और विद्यार्थियों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण उन्हें एक आदर्श शिक्षाविद् के रूप में स्थापित करता है। उन्होंने अपने सेवाकाल में सदैव गुणवत्ता, नैतिकता और मानवीय मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
श्री जे.पी. पुष्प ने सभी सहयोगियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें पूरे सेवाकाल में सभी का भरपूर सहयोग और स्नेह मिला। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम मानते हुए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

समारोह के अंत में उन्हें शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। उपस्थित सभी लोगों ने उनके स्वस्थ, सुखद एवं सक्रिय जीवन की कामना करते हुए कहा कि श्री जे.पी. पुष्प भले ही शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हुए हैं, लेकिन शिक्षा और समाज के प्रति उनकी सेवाएं तथा उनके द्वारा स्थापित आदर्श आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।















